Category: Lajawab Shayari

तो बस एक मामूली सा सवाल हूँ साहिब और लोग कहते हैं.. तेरा कोई जवाब नहीं। 💞💖...

पल भर बात करते है , फिर महीनो की दुरी बनाते है , ये किसी मोहब्बत है , जो वो तन्खवा की तरह निभाते है !...

जीने की खवाहिश में हर रोज़ मरते है , वो आये न आये हम इंतज़ार करते है , झूठा ही सही मेरे यार का वादा , हम सच मान कर एतबार करते है...

कभी हम पर वो जान दिया करते थे , जो हम कहते थे वो मान लिया करते थे , आज पास से अनजान बनकर गुजर गए , जो दूर से हमें पहचान लिया करते थे...

उसे भूल कर जिया तो क्या जिया , दम है तो उसे पाकर दिखा, लिख पत्थरो पर अपनी प्रेम कहानी , और सागर को बोल इसे मिटा कर दिखा...

कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगा, खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगा, इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे , की इज़हार वो मुझसे सर- ए- बाज़ार करेगा...

काश तुम मेरे होते ……. सांस जी थम जाती………….. अगर यह अल्फाज तेरे होते !!!!...

जिस दिन बंद कर ली हमने आँखे , कई आँखों से उस दिन आंसू बरसेंगे , जो कहते है की बहुत तंग करते है हम , वही हमारी एक शरारत को तरसेंगे !!!...

थोड़ा इंतज़ार कर लेती पगली …. मेरा दिन ख़राब था दिल नहीं …....

तू लाख भुला कर देख मुझे , में फिर भी याद आऊंगा , तू पानी पी पी कर थक जाएगी , और में हिचकी बन कर सताऊंगा...

क्यू करते हो, मुझसे इतनी खामोश मोहब्बत, लोग समझते हैं, इस बदनसीब का कोई नही....

कारीगर हु साहब शब्दों की मिट्टी से महफ़िल सजता हूँ….. किसी को बेकार तो किसी को लाजवाब नज़र आता हूँ ….....